वन्दे भारत का नया ट्रायल सफलतापूर्वक ख़त्म हो गया है. इस बार वन्दे भारत ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया. यह ट्रेन राजस्थान के कोटा सेक्शन पर 180 km/घंटे की रफ़्तार से चली. सबसे खास बात इस ट्रेन की यह थी की जब वन्दे भारत ट्रेन ने 180 की रफ़्तार से ऊपर का स्पीड तय किया तो वहां पर तीन पानी के गिलास भी रखा गया था. अपनी पूरी रफ़्तार के वक्त पानी के गिलास से एक बूंद भी पानी नहीं गिरा. इतनी बैलेंस थी ट्रेन की 180 की तगड़ी रफ़्तार से सफलता से अपने गंतव्य तक पहुच गई.

बता दें की हाल ही में देश में 4 नए वन्दे भारत की परिचालन की गई है. साथ स्लीपर वाली वन्दे भारत की लगातार ट्रायल किये जा रहे है. बीते सप्ताह दिल्ली से पंजाब के फिरोजपुर के लिए दूसरी वन्दे भारत लखनऊ से सहारनपुर, दक्षिणी भारत में बेंगलुरु से एर्नाकुलम और बनारस से खजुराहो शुरू की गई थी. वहीँ पहली स्लीपर वन्दे भारत भी शुरू होने वाली है. लगातार ट्रायल किये जा रहे है. लास्ट वाला ट्रायल रन राजस्थान के इन्द्रगढ – रोहलखुर्द के बीच किया गया. यह परिक्षण लोडेड और खाली रेक पर किया गया.

यह ट्रेन पूरी तरह से एक मेक इन इंडिया ट्रेन है. यह देश की पहली ट्रेन है जो 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार तक पहुची है. टेस्टिग के बाद पूछे जाने पर कहा गया की

“इंजिनियर यह देखना चाहते थे की 180 km/hr की रफ़्तार पर ट्रेन कितनी स्टेबल रहती है.”

जिस वक्त ट्रेन 180 की रफ़्तार से चल रही थी उस वक्त ट्रेन में 908 टन लोड मौजूद था. साथ ही 800 टन खाली रेक के साथ समान परिक्षण किया गया. इस ट्रायल को करने में ICF के कई अधिकारी मौजूद थे.

वन्दे भारत से जुड़े एक और वाक्य आपके समक्ष रखते है की हाल ही में एक विदेशी नागरिक Alexander Welder ने भारत में वन्दे भारत में यात्री की. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा की यह भारत की वन्दे भारत ट्रेन चीन और जापान के लक्ज़री ट्रेन से काफी किफायती है.  Alexander Welder ने कहा की यह ट्रेन चीन और जापान के तुलना में सस्ता है. साथ ही वन्दे भारत की एयरप्लेन वाली सीट की फीलिंग ही काफी अच्छी रही. उन्होंने सबकुछ की तुलना करते हुए भारत के वन्दे भारत को काफी बेहतर बनाया.

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