बिहार चुनाव : त्रिकोणीय मुकाबले में क्या कांग्रेस समस्तीपुर की रोसड़ा सीट बचा पाएगी ?

रोसड़ा जिले की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है। यह सुरक्षित सीट है। आरक्षित होने से पूर्व कभी यह राजद का गढ़ हुआ करती थी। लेकिन, बाद में एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस प्रत्याशी ने यहां से जीत हासिल की। हालांकि भाजपा की स्थिति यहां काफी मजबूत मानी जाती है।

पिछले विधानसभा चुनाव में राजद, कांग्रेस एवं जदयू के गठबंधन रहने से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. अशाेक कुमार यहां से जीते थे।

2015 में मिले मत

डॉ. अशोक कुमार (कांग्रेस) : 85,506

मंजू हजारी (भाजपा) : 51,145

2010 में मिले मत

मंजू हजारी (भाजपा) : 57,930

पितांबर पासवान (राजद) : 45,811

2005 में मिले मत

गजेंद्र प्रसाद सिंह (राजद) : 38,142

अशोक कुमार (जदयू) : 35,010

रोसड़ा सीट का जातीय गणित

जहां तक इस विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी का प्रश्न है तो 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां चाल लाख 86 हजार 959 लोग रहते हैं। इसमें करीब 93.6 फीसद जनसंख्या गांवों में रहती है जबकि 6.4 फीसद शहरों में। अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमशः 19.53 और 0.02 है। इस सीट पर पासवान, रविदास, कोइरी और कुर्मी जातियों का अच्छा-खासा प्रभाव है। ये जहां जाते हैं, उसकी जीत तय मानी जाती है।

Source jagaran