उज्जैन में जहरीली शराब पीने से 14 की मौत, 100 गिरफ्तार, 104 पर केस, थाना प्रभारी समेत चार सस्‍पेंड,

मध्य प्रदेश के उज्जैन में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या गुरुवार को 14 तक पहुंच गई। बुधवार को सात लोगों की मौत के बाद गुरुवार सुबह दो और लोगों के शव मिले, वहीं दोपहर में पांच लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने वालों में 13 मजदूर थे। प्रशासन ने गुरुवार रात तक 12 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। लापरवाही बरतने पर खाराकुआं थाना प्रभारी एमएल मीणा, एसआइ निरंजन शर्मा, कांस्टेबल शेख अनवर और नवाज शरीफ को निलंबित कर दिया गया है।

एसआइटी से जांच के निर्देश

उधर, भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और विशेष जांच दल (एसआइटी) से जांच करवाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। गौरतलब है कि बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में छह मजदूरों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से पता चला कि मौतें जहरीली शराब पीने से हुई हैं।

100 आरोपित गिरफ्तार

कलेक्टर आशीष सिंह और एसपी मनोज सिंह ने बताया कि मौतें संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हैं। आशंका है कि डीनेचर्ड स्पिरिट (विकृत शराब) के सेवन से जानें गई हैं। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है। उधर, मामले में 104 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। करीब 100 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की तैयारी है।

कमल नाथ ने सरकार पर साधा निशाना

एसपी मनोज सिंह ने बताया कि जिले भर में अवैध शराब का धंधा करने वालों की धरपकड़ की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस मामले में सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने माफियाओं पर नकेल कसी गई थी, मगर वर्तमान सरकार इसमें नाकाम रही है। जहरीली शराब मामले में पुलिस ने 550 लीटर अवैध शराब जब्त की है। पुलिस को जांच में पता चला था कि मजदूरों ने सिकंदर, गब्बर और युनूस नामक व्यक्ति से जिंजर खरीदी थी।