बिहार की राजनीति में अखबार के विज्ञापन के जरिये एंट्री करने वाली पुष्पम प्रिया का ताल्लुकात एक राजनितिक परिवार से है

विदेश से लौटी पुष्पम प्रिया ने राजनीति में एक धमाकेदार एंट्री के साथ अखबार के फ्रंट पेज पर दिखाई दी. जातीय मुद्दे पर वोटिंग करने वाले बिहार में जातीय विहीन वोटिंग की राजनीति का सपना देखने वाली पुष्पम ने बिहार के सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

बिहार की राजनीति में अखबार के विज्ञापन के जरिये एंट्री करने वाली पुष्पम प्रिया का ताल्लुकात एक राजनितिक परिवार से है. वे जदयू एमएलसी विनोद चौधरी की बेटी हैं. पुष्पम की 12वी तक की पढ़ाई दरभंगा में हुई जिसके बाद वे विदेश पढ़ने चली गईं.  विदेश से लौटीं तो राजनीति में एक धमाकेदार एंट्री के साथ अखबार के फ्रंट पेज पर दिखाई दीं. जातीय मुद्दे पर वोटिंग करने वाले बिहार में जाति विहीन वोटिंग की राजनीति का सपना देखने वाली पुष्पम ने बिहार के सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. 

खुद पुष्पम अपनी पार्टी की सीएम कैंडिडेट हैं और उन्होंने इस बार मधुबनी जिला के बिस्फी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. बिस्फी विधानसभा में 303581 मतदाता है,  जिसमे 51.9% पुरुष मतदाता हैं जबकि 48.09 प्रतिशत महिला मतदाता. पिछली बार तकरीबन 52% मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया था. बिस्फी विद्यापति का जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है जिनका नाम लिए बगैर मिथिला का हर त्योहार हर राजनितिक मंच हर शादी विवाह अधूरा सा प्रतीत होता है. 

पुष्पम प्रिया चौधरी बिस्फी से चुनाव लड़ेंगी

बिस्फी विधानसभा का भौगोलिक समीकरण ऐसा है कि इस विधानसभा में मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता वोटिंग के वक्त दिखाई देता है और यही कारण है कि यहां कभी कांग्रेस नेता शकील अहमद और अब राजद नेता फैयाज अहमद लगातार जीतते आए हैं.  दूसरी तरफ बीजेपी भी हिन्दू सेंटीमेंटल के आधार पर इस विधानसभा में राजनीति करती है.  ऐसे में पुष्पम प्रिया चौधरी का मधुबनी के बिस्फी से चुनाव लड़ने की रणनीति राजनीतिक जानकारों के लिए समझ से पड़े दिखाई दे रहा है. https://eed8b69eff999ca0f14c21a60d5c9eab.safeframe.googlesyndication.com/safeframe/1-0-37/html/container.html

पुष्पम का मुकाबला हरिभूषण ठाकुर से होगा 

इस बार पुष्पम का मुकाबला एक तरफ हिन्दू छवि वाले बीजेपी नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल से है. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम में अपनी जबरदस्त पकड़ रखने वाले और पिछले दस वर्षों से जीतने वाले विधायक फैयाज अहमद से है. पिछले बार फैयाज अहमद ने अपने प्रतिद्वंदी को 35000 से अधिक मतों से हराया था. मुख्य रूप से पलायन रोजगार को मुद्दा बनाने वाली पुष्पम के प्रति कुछ युवा वर्ग जरूर आकर्षित है परन्तु यह वोट में कितना तब्दील होता है यह तो वक्त बताएगा लेकिन पुष्पम ने एक और वर्ग को अपनी ओर आकर्षित किया है ha. 

बीजेपी में अंदरखाने मची खलबली 

बीजेपी के अंदरखाने में खलबली मची हुई है.  वह वर्ग है ब्राह्मण, ब्राह्मण वर्ग फिलहाल बीजेपी का वोटर है, जो किसी समय में कांग्रेस का वोटर हुआ करती थी. यदि पुष्पम ब्राह्मण वर्ग को आकर्षित करने में कामयाब हो जाती है तो बीजेपी को चिंता होना लाजमी है.ये भी पढ़े

https://embed.aajtak.in/share/video/elections/bihar-assembly-elections/c11482c1TAGS: