कोरोना के राष्ट्रीय औसत में गिरावट, लेकिन इन पांच राज्यों में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण

देश में जहां कोरोना वायरस के मामलों में पिछले तीन हफ्तों में गिरावट देखी जा रही है। वहीं, इसके उलट देश के पांच राज्यों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सरकार द्वारा जारी किए गए डाटा में इसकी जानकारी मिली है।
केरल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश में 13 सितंबर और 4 अक्तूबर के बीच कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है, जबकि वायरस के राष्ट्रीय औसत में गिरावट हुई है। इस अवधि में भारत में कोरोना मामलों में 37 फीसदी की वृद्धि हुई। इससे पहले यह आंकड़ा 56 फीसदी था।
केंद्र और राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, केरल में कोविड-19 संक्रमण मामलों में 112 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 93 फीसदी वृद्धि, उत्तराखंड में 61 फीसदी और ओडिशा और मध्यप्रदेश दोनों में 54 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

वास्तव में, आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर सक्रिय मामलों की संख्या सबसे अधिक है। केरल में 10 लाख की जनसंख्या पर 2,421 कोरोना मामले हैं।

हालांकि, कुछ राज्य ऐसे थे, जहां इन पांचों राज्यों की तुलना में संक्रमण की दर कम रिपोर्ट की गई। बिहार में पिछले तीन हफ्तों में कोविड-19 मामलों में 19 फीसदी वृद्धि हुई है और यह देश के किसी भी राज्य में सबसे कम है।

बिहार के बाद तमिलनाडु है, जहां 13 सितंबर और 4 अक्तूबर के बीच कोरोना के मामले 23 फीसदी बढ़े। इसके बाद गुजरात में 26 फीसदी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 27 फीसदी और असम 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

वास्तव में, आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर सक्रिय मामलों की संख्या सबसे अधिक है। केरल में 10 लाख की जनसंख्या पर 2,421 कोरोना मामले हैं।

हालांकि, कुछ राज्य ऐसे थे, जहां इन पांचों राज्यों की तुलना में संक्रमण की दर कम रिपोर्ट की गई। बिहार में पिछले तीन हफ्तों में कोविड-19 मामलों में 19 फीसदी वृद्धि हुई है और यह देश के किसी भी राज्य में सबसे कम है।

बिहार के बाद तमिलनाडु है, जहां 13 सितंबर और 4 अक्तूबर के बीच कोरोना के मामले 23 फीसदी बढ़े। इसके बाद गुजरात में 26 फीसदी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 27 फीसदी और असम 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

वास्तव में, आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर सक्रिय मामलों की संख्या सबसे अधिक है। केरल में 10 लाख की जनसंख्या पर 2,421 कोरोना मामले हैं।

हालांकि, कुछ राज्य ऐसे थे, जहां इन पांचों राज्यों की तुलना में संक्रमण की दर कम रिपोर्ट की गई। बिहार में पिछले तीन हफ्तों में कोविड-19 मामलों में 19 फीसदी वृद्धि हुई है और यह देश के किसी भी राज्य में सबसे कम है।

बिहार के बाद तमिलनाडु है, जहां 13 सितंबर और 4 अक्तूबर के बीच कोरोना के मामले 23 फीसदी बढ़े। इसके बाद गुजरात में 26 फीसदी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 27 फीसदी और असम 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

आंकड़ों से यह भी पता चला कि देश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना मामलों में 36 फीसदी की वृद्धि देखी गई और वायरस से दूसरे सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य कर्नाटक में 39 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

सरकार ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की भारत की पॉजिटिविटी रेट लगातार 10 फीसदी से नीचे बनी हुई है। पॉजिटिविटी रेट उन लोगों के अनुपात को दर्शाता है जो परीक्षण किए गए लोगों में पॉजिटिव पाए जाते हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पॉजिटिविटी रेट को सामने रख रहे हैं, जो कोरोना को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है। पॉजिटिविटी रेट के राष्ट्रीय औसत से अधिक होने पर आक्रामक और व्यापक परीक्षण की आवश्यकता होती है।