देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो: 2 ट्रेनें एक ट्रैक पर आईं तो रुक जाएंगी, झटके नहीं लगेंगे; मोदी आज दिल्ली में शुरुआत करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 बजे देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन की शुरुआत दिल्ली में करेंगे। जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन तक मेट्रो की 37 किलोमीटर लंबी मैजेंटा लाइन पर यह सुविधा शुरू की जा रही है।

इससे मेट्रो के संचालन में इंसानी भूल की आशंका भी खत्म हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के सूत्रों के मुताबिक ड्राइवरलेस मेट्रो में कुछ समय तक निगरानी के लिए ड्राइवर बिठाया जाएगा, लेकिन बाद में उसे हटा लिया जाएगा।

ड्राइवरलेस मेट्रो की 3 प्रमुख खूबियां
1.
 इसका सिस्टम इतना सेफ है कि कभी दो मेट्रो एक ही ट्रैक पर आ जाएं तो एक तय दूरी पर अपने आप रुक जाएंगी।
2. मेट्रो में सफर के दौरान कई बार झटके जैसा जो अनुभव होता है, वह ड्राइवरलेस ट्रेन में नहीं होगा।
3. ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान पैसेंजर्स को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

इसका सिस्टम कैसे काम करता है?

  • ड्राइवरलेस मेट्रो का सफर कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग सिस्टम (CBTC) से लैस है।
  • यह सिस्टम एक वाई-फाई की तरह काम करता है। यह मेट्रो को सिग्नल देता है जिससे वह चलती है।
  • मेट्रो ट्रेन में लगे रिसीवर सिग्नल मिलने पर मेट्रो को आगे बढ़ाते हैं। विदेश की कई मेट्रो में इस सिस्टम को यूज किया जाता है।

दुनिया के 46 शहरों में ऑटोमेटेड मेट्रो ट्रेनें चल रहीं
द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ पब्लिक ट्रांसपोर्ट (UITP) के मुताबिक 2019 तक दुनिया के 46 शहरों में 64 ऑटोमेटेड मेट्रो ट्रेनें चल रही थीं। लंदन की अंडरग्राउंड विक्टोरिया लाइन पर 1967 में दुनिया की पहले ऑटोमेटेड ट्रेन की शुरुआत हुई थी।