Good News: बिहार के किसानों को धान बेचने के लिए अब रसीद की जरूरत नहीं, जानें नीतीश सरकार की पहल

बिहार के किसानों को धान बेचने में एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) की तो जरूरत ही नहीं है, रसीद भी नहीं है तो चलेगा। केवल खेत का रकबा और खाता- खेसरा साइट पर डाल दीजिये, आप धान बेचने को अधिकृत हो जाएंगे।

गैर रैयतों को भी शपथ पत्र (एफीडेविट) साइट पर डालने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर गलत किया तो जांच में फंसेंगे किसान ही।

राज्य सरकार धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए रोज बेहतर उपाय कर रही है। एलपीसी की बाध्यता खत्म करने के बाद रसीद को लेकर समस्या आई तो सरकार ने इसे भी आप्शनल में डाल दिया।

यानी रसीद या एलपीसी है तो दे दीजिए, नहीं है तब भी कोई बात नहीं।

नई व्यवस्था में किसानों को ऑनलाइन आवेदन में अपने खेत का रकबा और खाता-खेसरा नम्बर डालना होगा। इसी के साथ सरकार ने गैर रैयत किसानों को भी काफी सहूलियत दी है।

उन्हें अब इसका शपथ पत्र देने की कोई जरूरत नहीं है कि वह किसकी जमीन के कितने रकबे में खेती कर रहे हैं। बस, धान बेचते समय क्रय केन्द्र पर ही रकबे की जानकारी सादे कागज पर खुद के हस्ताक्षर से एजेन्सी को दे देनी है।