बौनापन से जंग जीत रहा समस्तीपुर, पांच प्रतिशत आई कमी, जानिए

बच्चों को बौनापन (उम्र के हिसाब से लंबाई का कम होना) की जाल से निकालने के लिए समस्तीपुर जिले को सफलता मिली है। हाल ही में जारी किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण – 5 वर्ष (2019-20) के आंकड़ों ने इस बात की पुष्टि की है।

विगत पांच वर्षों में जिले में बौनापन में 5.2 फीसद की कमी आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (2015-16) के अनुसार समस्तीपुर में 49.2 फीसद बच्चे बौनापन से ग्रसित थे, जो अब घटकर 44.0 फीसद रह गया है।

जिले में बौनापन का प्रतिशत राज्य की औसत कमी के बराबर ही है। राज्य स्तर पर 5.4 फीसद की कमी आई है। पहले 48.3 फीसद बच्चे बौनापन से ग्रसित थे जो अब घटकर 42.9 फीसद रह गया है।

दरअसल बच्चों में बौनापन की सबसे बड़ी वजह कुपोषण को माना जाता है। इससे बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास अवरुद्ध हो जाता है।

यह स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ा बाधक भी है। बचपन में इस बीमारी का शिकार होने के बाद आगे इसमें सुधार की संभावना न के बराबर रहती है।

स्वभाविक है कि पिछले पांच वर्षों में हुए सुधार ने सुपोषित बिहार के लक्ष्य को पाने की राह आसान करने में प्रमुख भूमिका निभाई है।