Gandhi Jayanti 2020 Speech: गांधी जंयती के मौके पर ऐसे करें भाषण की तैयारी, बापू को यूं दें श्रद्धांजलि

गांधी जंयती के मौके पर स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और इस दौरान कई स्टूडेंट्स भाषण प्रतियोगिता में भाग लेते हैं, जानें आप कैसे कर सकते हैं बापू को याद

मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें राष्ट्रपिता के नाम से भी जाना जाता है का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. कल गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) देश भर के स्कूलों और बाकि जगहों पर पूरे उत्साह और प्यार के साथ मनाई जाएगी. 2 अक्टूबर के दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. इस दिन भारत के कई सारे हिस्सों में वाद-विवाद प्रतियोगिता और भाषणों का आयोजन किया जाता है जिसमें कई सारे लोग हिस्सा लेते हैं. 

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती मनाई कल मनाई जाएगी, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से बापू की याद में होने वाले कई सारे भव्य कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. लेकिन स्कूलों में महात्मा गांधी को याद किया जाएगा ऐसे में जानें आप कैसे इस साल अपने भाषण की तैयारी करेंगे जिससे हर कोई आपके भाषण या फिर स्पीच का फैन हो जाए.

गांधी जंयती पर भाषण:

मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें राष्ट्रपिता के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. 2 अक्टूबर को हर साल विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. बापू के अंहिसा वाले पथ पर आज भी कई सारे लोग चलते हैं उनके विचार आज भी हमारा मार्ग दर्शन कर रहे हैं और कल भी करेंगे.

गांधी जी भले ही गुजरात में पैदा हुए लेकिन उनकी पूरी पढ़ाई लंदन से पूरी हुई, उन्होंने लंदन से बैरिस्टर की डिग्री ली और उसके बाद जब वो वापस स्वदेश लौटे तो उन्होंने अपना पूरा जिवन भारत को आजाद करने में लगा दिया.  सत्य और अंहिसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने अंग्रेजों से भारत को मुक्त कराया था. यही वजह है की दुनिया उन्हें आज भी अहिंसा का सबसे बड़ा प्रतीक मानती हैं और उनके विचार सदियों तक लोगों के जेहन में जिंदा रहेंगे.

महात्मा गांधी के असहोयग आंदोलन और दांड़ी मार्च या नमक सत्याग्रह से लेकर अंग्रेजो भारत छोड़ा का नारा आज भी हर किसी के जेहन में ताजा है. गांधी जी का चंपारण सत्याग्रह भी उनकी मजबूत छवि को दिखाता है.  महात्मा गांधी को विश्व पटल पर अहिंसा के प्रतीक के तौर पर जाना जाता है. बापू ने सालों पहले जो हमें राह दिखाई है हम उसी पर चलकर अपने देश का नाम रौशन करेंगे और हिंसा की जगह हमेशा अहिंसा का रास्ता लेंगे क्योंकि सत्य की हमेशा जीत होती है. ये बापू के विचार हमें लोगों तक पहुंचाने चाहिए….जय हिंद जय भारत