7 महीने में संगठित क्षेत्र के 40 लाख कर्मचारियों की गईं नौकरियां

योजना के मुताबिक 50 कर्मचारियों से कम संख्या वाले संस्थानों को कम से कम दो नए कर्मचारियों को रखना होगा, तभी उन्हें इस योजना के तहत सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा 50 से ज्यादा संख्या वाले संस्थानों को कम से कम 5 नए कर्मचारियों को रोजगार का अवसर देना होगा।

कोरोना काल में मार्च से सितंबर के दौरान 7 महीनों में संगठित क्षेत्र के 40 लाख लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। शुक्रवार को ईपीएफओ की ओर से रिलीज किए गए पेरोल डाटा के मुताबिक इन 7 महीनों में करीब 39 लाख कर्मचारियों ने उन कंपनियों को छोड़ा है, जो पीएफ में योगदान करती हैं।

अब सरकार ने इन लोगों को नौकरियां देने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इस स्कीम के तहत सरकार अक्टूबर 2020 से लेकर जून 2021 तक इन कर्मचारियों को नियुक्ति देने वाली कंपनियों को सरकार ईपीएफ योगदान में पूरी तरह से सब्सिडी देगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 नवंबर को इस स्कीम का ऐलान किया था। स्कीम के तहत केंद्र सरकार की ओर से उन कंपनियों को पीएफ योगदान में सब्सिडी दी जाएगी, जो मार्च से सितंबर के दौरान नौकरी गंवाने वालों को रोजगार देंगी।

वित्त मंत्री ने कहा था कि स्कीम के तहत सरकार कर्मचारी के हिस्से की 12 फीसदी और कंपनी के हिस्से की 12 फीसदी रकम जमा करेगी। सरकार ने इस स्कीम के तहत जून 2021 तक 50 से 60 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है।