हाथरस कांड में क्या PFI और भीम आर्मी के बीच कोई कनेक्शन? ED को मिले कई अहम सबूत, जांच जारी

ईडी को जांच के दौरान पीएफआई के पदाधिकारियों से कुछ विश्वसनीय साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक लेन-देने की जांच की जा रही है।

पीएफआई के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने पिछले दिनों हाथरस कांड में उसकी भूमिका भी की जांच की थी।

ईडी की टीम ने दिल्ली से हाथरस जाते समय मथुरा में गिरफ्तार किए पीएफआई के चारों कथित सदस्यों से पूछताछ भी की थी। ईडी एक वेबसाइट के माध्यम से एकत्रित धन के लाभार्थियों की भी जांच कर रहा है।

हाथरस पुलिस ने जातीय हिंसा भड़काने के मकसद से वेबसाइट बनाकर दुष्प्रचार किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इस मामले की जांच अब एटीएफ कर रही है।

वेबसाइट के माध्यम से धन जुटाए जाने के आरोप भी हैं। हाथरस कांड के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की भूमिका भी एसटीएफ की जांच के दायरे में है। इससे पहले शासन स्तर से गठित एसआईटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में हाथरस कांड के बाद सुनियोजित साजिश रचे जाने की बात कही थी।

हाथरस कांड के बाद विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने के मकसद से बनाई गई यह वेबसाइट एसटीएफ के भी निशाने पर हैं। यह वेबसाइट ‘जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम’ नाम से बनाई गई थी।

वहीं सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। बाजरा के खेत में 14 सितंबर की सुबह आखिर क्या हुआ था इसकी सच्चाई पता लगाने में सीबीआई लगातार जुटी है। पूछताछ जारी है।

कई चीजों को जब्त कर उनके बारे में भी पूरी तहकीकात की जा रही है। सीबीआई ने हाथरस के कृषि विभाग के कार्यालय में अपना कैंप ऑफिस बनाकर डेरा डाला हुआ है। कोतवाली चंदपा में भी सीबीआई के अफसर पड़ताल कर रहे हैं।