दिल्ली-एनसीआर में जमकर फोड़े गए पटाखे, एनजीटी के आदेशों की उड़ाईं धज्जियां

दिवाली के मौके पर सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए दिल्ली-एनसीआर में जमकर पटाखे फोड़े गए।

शनिवार रात को दिवाली की पूजा के बाद पटाखों को पूर्ण पाबंदी के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को जगह-जगह पटाखे फोड़ते देखा गया।

कोरोना वायरस महामारी के साथ ही वायु प्रदूषण से जूझती राजधानी के हालात को लेकर एनजीटी द्वारा 30 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था।

बावजूद इसके शनिवार रात राष्ट्रीय राजधानी के तमाम इलाकों समेत नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव में लोगों को पटाखे फोड़ते देखा गया।

दिल्ली में शनिवार को पाबंदी के बावजूद पटाखे बेचने के जुर्म में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और अब तक 55 लोगों के खिलाफ मामलाे दर्ज किए गए।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक राजधानी के तमाम हिस्सों से कुल 3,408 किलोग्राम पटाखे भी जब्त किए गए।

नोएडा में शाम से ही लोगों द्वारा पटाखे जलाए गए और देर रात तक जमकर आतिशबाजी की गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से लोगों के मन में डर तो जरूर दिखा,

लेकिन चोरी-छिपे पटाखे भी खूब बिके। जहां पटाखों की बिक्री रोकने के लिए पुलिस लगातार गश्त करती दिखी और दुकानदारों से पूछताछ भी की, तमाम ऐसे दुकानदार भी थे, जिन्होंने पटाखे बेचे।

पटाखे फोड़ने से वायु प्रदूषण में इजाफे के साथ ही आतिशबाजी का साफ असर दिखा और धुंध ना केवल दिखाई देने लगी बल्कि महसूस भी की गई। लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की भी शिकायत की।

नतीजतन दीपावली पर एयर क्वालिटी इंडेक्स भी अपेक्षाकृत खतरनाक स्तर पर बढ़ा हुआ नजर आया।